बवासीर (Piles) क्या है? कारण, लक्षण और घरेलू इलाज

1.बवासीर क्या है?

बवासीर, जिसे पाइल्स (Piles) भी कहा जाता है, एक आम लेकिन दर्दनाक रोग है। इसमें गुदा (Anus) और मलद्वार (Rectum) के आसपास की नसें सूज जाती हैं। जब ये नसें फूल जाती हैं, तो बैठने, चलने और शौच के समय बहुत तकलीफ होती है।

बवासीर दो प्रकार की होती है:

  1. भीतरी बवासीर (Internal Piles) – यह गुदा के अंदर होती है, जिसमें खून आ सकता है लेकिन दर्द नहीं होता।
  2. बाहरी बवासीर (External Piles) – यह गुदा के बाहर होती है और इसमें तेज दर्द, जलन और खुजली होती है।

2.बवासीर के मुख्य कारण

बवासीर का प्रमुख कारण हमारी जीवनशैली और खानपान है। आइए जानते हैं इसके मुख्य कारण:

  • कब्ज (Constipation): लगातार कब्ज से मल सख्त हो जाता है और जोर लगाने से नसें सूज जाती हैं।
  • कम पानी पीना: शरीर में पानी की कमी से मल कठोर हो जाता है।
  • कम फाइबर वाला भोजन: यदि आप ज्यादा मिर्च, मसाले और जंक फूड खाते हैं तो बवासीर की संभावना बढ़ जाती है।
  • ज्यादा देर तक बैठना: विशेष रूप से टॉयलेट में देर तक बैठना हानिकारक होता है।
  • गर्भावस्था: महिलाओं में गर्भ के दौरान दबाव बढ़ने से भी बवासीर हो सकती है।
  • वजन उठाना: भारी वजन उठाने से गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव पड़ता है।

3.बवासीर के लक्षण

बवासीर के कुछ आम लक्षण हैं:

  • शौच के दौरान या बाद में खून आना
  • गुदा में सूजन या गांठ महसूस होना
  • बैठते समय दर्द या असहजता
  • गुदा में खुजली या जलन
  • हमेशा भारीपन महसूस होना
  • शौच के बाद भी अधूरा महसूस होना

4.बवासीर के घरेलू इलाज (Natural Home Remedies)

बवासीर की शुरुआती अवस्था में घरेलू नुस्खे बेहद असरदार साबित होते हैं। नीचे दिए गए उपाय न केवल दर्द और सूजन को कम करते हैं, बल्कि बवासीर को जड़ से ठीक करने में भी मदद कर सकते हैं:

4.1 त्रिफला चूर्ण

रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। यह कब्ज को खत्म करता है और आंतों की सफाई करता है।

4.2 सूखा अंजीर (Dry Fig)

2-3 सूखे अंजीर रात में भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। इसमें फाइबर होता है जो मल को नरम बनाता है और बवासीर से राहत देता है।

4.3 हल्दी और सरसों का तेल का लेप

एक चुटकी हल्दी को सरसों के तेल में मिलाकर गांठ पर लगाने से सूजन कम होती है और संक्रमण से भी बचाव होता है।

4.4 नारियल तेल का प्रयोग

गुदा के बाहरी हिस्से पर दिन में दो बार नारियल तेल लगाने से खुजली, जलन और दर्द से राहत मिलती है।

4.5 सिट्ज़ बाथ (गर्म पानी में बैठना)

गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक या नीम की पत्तियाँ डालें और उसमें 10–15 मिनट बैठें। दिन में 2 बार करने से सूजन में काफी राहत मिलती है।

4.6 नीम के पत्तों का लेप

नीम की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बनाएं और प्रभावित स्थान पर लगाएं। नीम में एंटीबैक्टीरियल और सूजन कम करने वाले गुण होते हैं।

4.7 एलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel)

ताजा एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालें और गांठ पर लगाएं। इससे जलन, खुजली और सूजन में तुरंत राहत मिलती है।

4.8 बकरी का दूध + शहद

1 गिलास बकरी का दूध और उसमें 1 चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर सुबह-शाम पीने से बवासीर में आराम मिलता है।

4.9 किशमिश और मुनक्का का सेवन

रात में 10 किशमिश और 5 मुनक्का भिगोकर सुबह खाएं। यह कब्ज को दूर करता है और रक्तस्राव भी नियंत्रित करता है।

4.10 इसबगोल भूसी (Psyllium Husk)

रात में सोने से पहले 1 चम्मच इसबगोल भूसी को गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। यह मल को मुलायम बनाकर शौच को आसान करता है।

नोट:

यदि खून लगातार आ रहा है, गांठ बड़ी हो रही है या बहुत दर्द है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

ऊपर बताए गए सभी उपाय केवल प्रारंभिक अवस्था की बवासीर के लिए हैं।

5.बवासीर से बचने के उपाय

  • रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं
  • आहार में फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियाँ, दलिया आदि लें
  • सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना शुरू करें
  • रोज 30 मिनट की वॉक या योग करें
  • टॉयलेट में ज्यादा समय न बिताएं
  • मसालेदार और तली चीजों से दूरी बनाएं
  • समय पर शौच जाएं, मल को न रोकें

6.बवासीर में कब डॉक्टर के पास जाएं?

  • यदि खून आना बंद नहीं हो रहा है
  • लगातार दर्द और सूजन बढ़ रही है
  • गांठ बहुत बड़ी हो गई है
  • घरेलू उपाय असर नहीं कर रहे हैं

तो किसी अच्छे प्रोक्टोलॉजिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

7.निष्कर्ष (Conclusion)

बवासीर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बस समय पर ध्यान देने और सही जीवनशैली अपनाने की जरूरत है। कब्ज से बचें, फाइबर लें, पानी पिएं और घरेलू उपाय करें। शुरुआत में अगर ध्यान दिया जाए तो बिना ऑपरेशन भी बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है।

8.अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ on Bawasir/Piles)

Q1. क्या बवासीर हमेशा ऑपरेशन से ही ठीक होता है?
नहीं, शुरुआती अवस्था में घरेलू उपाय और दवाओं से भी इलाज संभव है।

Q2. क्या बवासीर के लिए आयुर्वेदिक इलाज कारगर है?
हाँ, आयुर्वेद में त्रिफला, हरीतकी, अरषक वटी जैसे कई असरदार उपचार मौजूद हैं।

Q3. क्या बवासीर में खट्टी चीजें खा सकते हैं?
नहीं, खट्टी और मसालेदार चीजें परेशानी बढ़ा सकती हैं।

Leave a Comment